Wednesday, 20 March 2013

हर एहसास की मुस्कान बनू में !!!


क्या कहू की मुस्कान क्या होती है
रोते हुए को भी हँसा दे.. मुस्कान वो मोती है !!

यु तो ज़माने भर को दिखाते है लोग अपन दर्द ,
पर चीनू का जो दर्द छुपा ले... मुस्कान वो होती है !

जब कही दूर तलक दिल रोता है, आँखे न सोती है,
तब तब ये मुस्कान होठो पर गहरी होती है !

यु तो है मेरे पास दोस्त, यार परिवार का खजाना,
पर इन् सब को जो पास लाया मुस्कान वो मोती है !

होश संभाला जबसे खुद से किया यही वादा है ,
अपनी मुस्कान से सभी को मुस्काने का इरादा है !

इल्तजा है रब से.. दोस्ती की पहचान बनू में,
दुआ है... हर अपने की मुस्कान बनू में,
दुआ है .. हर एहसास की मुस्कान बनू में !!!

© पुनीत जैन 'चीनू'

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