Sunday, 24 March 2013

चाहता हूँ कुछ ऐसा !!

आओ आज खुद के बारे में कहता हूँ,
सुनो.. आज खुद के लिए मैं कुछ कहता हूँ
,
कुछ पल खुद के लिए चाहता हूँ
,
अन्धेरे से मैं रौशनी में जाना चाहता हूँ !


लोग मुझसे हैरत करते हैं
,
मेरी मुस्कराहट को जाली समझते हैं
,
फर्क बस सोच का हैं
,
वो मुस्कराहट हो नहीं मुझ को जाली समझते हैं !


उन लोगो से दूर जाना चाहता हूँ मैं
,
ख़ुशी से कुछ पल बिताना चाहता हूँ मैं
,
जिंदगी आफ़ताब हैं
, ख़ुशी से जीना चाहता हूँ मैं,
इस आफ़ताब मैं चमकना चाहता हूँ मैं !


कहानी लम्बी हैं
, सोच नयी हैं,
खुद के लिए मुस्कुराना चाहता हूँ मैं.

खुद की अभिव्यक्ति करना चाहता हूँ मैं
,
कहानी को पूरा करना चाहता हूँ मै !


लोगो की हसी में हसी ढूंडता हूँ मैं
,
एक नये सफ़र की शुरुआत करना चाहता हूँ मैं
,
कही देर ना हो जाए
,
अपनी जिन्दगी में नयी खुशबू चाहता हूँ मै !!
 

© Puneet Jain 'Chinu'

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