आओ आज खुद के बारे में कहता हूँ,
सुनो.. आज खुद के लिए मैं कुछ कहता हूँ ,
कुछ पल खुद के लिए चाहता हूँ ,
अन्धेरे से मैं रौशनी में जाना चाहता हूँ !
लोग मुझसे हैरत करते हैं ,
मेरी मुस्कराहट को जाली समझते हैं ,
फर्क बस सोच का हैं ,
वो मुस्कराहट हो नहीं मुझ को जाली समझते हैं !
उन लोगो से दूर जाना चाहता हूँ मैं ,
ख़ुशी से कुछ पल बिताना चाहता हूँ मैं ,
जिंदगी आफ़ताब हैं , ख़ुशी से जीना चाहता हूँ मैं,
इस आफ़ताब मैं चमकना चाहता हूँ मैं !
कहानी लम्बी हैं , सोच नयी हैं,
खुद के लिए मुस्कुराना चाहता हूँ मैं.
खुद की अभिव्यक्ति करना चाहता हूँ मैं ,
कहानी को पूरा करना चाहता हूँ मै !
लोगो की हसी में हसी ढूंडता हूँ मैं ,
एक नये सफ़र की शुरुआत करना चाहता हूँ मैं ,
कही देर ना हो जाए ,
अपनी जिन्दगी में नयी खुशबू चाहता हूँ मै !!
सुनो.. आज खुद के लिए मैं कुछ कहता हूँ ,
कुछ पल खुद के लिए चाहता हूँ ,
अन्धेरे से मैं रौशनी में जाना चाहता हूँ !
लोग मुझसे हैरत करते हैं ,
मेरी मुस्कराहट को जाली समझते हैं ,
फर्क बस सोच का हैं ,
वो मुस्कराहट हो नहीं मुझ को जाली समझते हैं !
उन लोगो से दूर जाना चाहता हूँ मैं ,
ख़ुशी से कुछ पल बिताना चाहता हूँ मैं ,
जिंदगी आफ़ताब हैं , ख़ुशी से जीना चाहता हूँ मैं,
इस आफ़ताब मैं चमकना चाहता हूँ मैं !
कहानी लम्बी हैं , सोच नयी हैं,
खुद के लिए मुस्कुराना चाहता हूँ मैं.
खुद की अभिव्यक्ति करना चाहता हूँ मैं ,
कहानी को पूरा करना चाहता हूँ मै !
लोगो की हसी में हसी ढूंडता हूँ मैं ,
एक नये सफ़र की शुरुआत करना चाहता हूँ मैं ,
कही देर ना हो जाए ,
अपनी जिन्दगी में नयी खुशबू चाहता हूँ मै !!
© Puneet Jain 'Chinu'
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