Saturday, 24 August 2013

बड़े दिनों से कुछ लिखा नहीं !!!

बड़े दिनों से कुछ लिखा नहीं,
क्या मेरे जेहन में कुछ आया नहीं ?

बड़े दिनों से कुछ सीखा नहीं,
क्या समाज में कुछ देखा नहीं ?

बड़े दिनों से कुछ लिखा नहीं,
क्या प्रेम का अंकुर फूटा नहीं ?

बड़े दिनों से कुछ सीखा नहीं,
क्या नफरत का बीज बोया नहीं ?

हाँ... बड़े दिनों से कुछ लिखा नहीं,
शायद दुनिया से इन दिनों कुछ सिखा नहीं !

© पुनित जैन 'चीनू'

Friday, 23 August 2013

तब गुजर जाते थे दिन, तेरी एक हंसी के सहारे !!

अब तो तेरे दीदार से भी जी नहीं भरता,
तब गुजर जाते थे दिन, तेरी एक हंसी के सहारे !!

© पुनित जैन 'चीनू'

Wednesday, 14 August 2013

Happy Independence Day !!

ऐ भारत माँ तेरे सजदे सर झुकाता हूँ,
आज बलिवेदी पर हिन्दुस्तान गुंजाता हूँ,
रक्त नहीं अपने शब्दों के तीर चलाता हूँ,
आजादी का गीत अपनी कलम से गाता हूँ !

© पुनित जैन 'चीनू'

Ae Bharat Maa Tere Sajde Sir Jhukata Hoon,
Aaj Balivedi Par Hindustaan Gunjata Hoon,
Rakt Nahi Apne Shabdon Ke Teer Chalata Hoon,
Aajadi Ka Geet Apni Kalam Se Gaata Hoon !!

© Puneet Jain 'Chinu'