Friday, 23 August 2013

तब गुजर जाते थे दिन, तेरी एक हंसी के सहारे !!

अब तो तेरे दीदार से भी जी नहीं भरता,
तब गुजर जाते थे दिन, तेरी एक हंसी के सहारे !!

© पुनित जैन 'चीनू'

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