अच्छा
लगता हैं
उस अजनबी के साथ बात आगे बढ़ने लगी ,
उस हसीं ख्वाब के साथ मुलाकात होने लगी.
वो ख्वाब हकीकत में बदलने लगे ,
उस ख्वाब की मलिका से प्यार होने लगा
न देखा था उसको, जाना था
उसके व्यवहार को,
खुशकिस्मत हूँ , जो उसने अपनाया मेरे प्यार को.
नहीं जानता कैसे उसने मुझ पर यकीन किया ,
मेरी हर छुअन को उसने दिल से स्वीकार किया .
हूँ में बहुत जिद्दी ; पर तेरी बात मान-ना अच्छा लगता है,
ऐ मेरी ‘जाने-जाना’ तेरे पास आना अच्छा लगता हैं,
ऐ मेरी ‘जाने-जाना’ तुझसे प्यार करना अच्छा लगता हैं !!
खुशकिस्मत हूँ , जो उसने अपनाया मेरे प्यार को.
नहीं जानता कैसे उसने मुझ पर यकीन किया ,
मेरी हर छुअन को उसने दिल से स्वीकार किया .
हूँ में बहुत जिद्दी ; पर तेरी बात मान-ना अच्छा लगता है,
ऐ मेरी ‘जाने-जाना’ तेरे पास आना अच्छा लगता हैं,
ऐ मेरी ‘जाने-जाना’ तुझसे प्यार करना अच्छा लगता हैं !!
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