Sunday, 24 March 2013

अच्छा लगता हैं !!

अच्छा लगता हैं

उस अजनबी के साथ बात आगे बढ़ने लगी
,
उस हसीं ख्वाब के साथ मुलाकात होने लगी.


वो ख्वाब हकीकत में बदलने लगे
,
उस ख्वाब की मलिका से प्यार होने लगा


न देखा था उसको, जाना था उसके व्यवहार को,
खुशकिस्मत हूँ
, जो उसने अपनाया मेरे प्यार को.

नहीं जानता कैसे उसने मुझ पर यकीन किया
,
मेरी हर छुअन को उसने दिल से स्वीकार किया .


हूँ में बहुत जिद्दी
; पर तेरी बात मान-ना अच्छा लगता है,
ऐ मेरी
जाने-जानातेरे पास आना अच्छा लगता हैं,
ऐ मेरी
जाने-जानातुझसे प्यार करना अच्छा लगता हैं !!

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