मेरी
जिन्दगी में कुछ कमी सी हैं !!
मेरी जिन्दगी में कुछ कमी सी हैं ,
शायद इसिलए मेरी आँखों में नमी सी हैं !
नहीं चाहता मैं किसी का दिल दुखाना,
शायद इसीलिए मेरे होंठो पर हसी सी हैं !
शायद इसीलिए मेरे होंठो पर हसी सी हैं !
टूट चुके हैं हौसले मेरे,
शायद इसिलए मंजिल की डगर कठिन सी है !
आते जाते मिल जाते हैं गम-ओ-ख़ुशी मुझे ,
शायद इसीलिए मेरे अश्को की नदी गहरी सी हैं !
शीशे को खतरा होता हैं टूटने का ,
शायद इसीलिए दिल की दीवार पत्थर सी हैं !
नीलाम होने लगी हैं हर चीज आजकल ,
शायद इसीलिए जिन्दगी मेरी बिकी सी हैं !
शायद इसिलए मंजिल की डगर कठिन सी है !
आते जाते मिल जाते हैं गम-ओ-ख़ुशी मुझे ,
शायद इसीलिए मेरे अश्को की नदी गहरी सी हैं !
शीशे को खतरा होता हैं टूटने का ,
शायद इसीलिए दिल की दीवार पत्थर सी हैं !
नीलाम होने लगी हैं हर चीज आजकल ,
शायद इसीलिए जिन्दगी मेरी बिकी सी हैं !
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