Sunday, 24 March 2013

जिंदगी !!


जिंदगी !!

कभी अच्छी लगती हैं, तो कभी बुरी लगती है जिंदगी,
कभी हँसाती हैं तो कभी रूलाती हैं जिंदगी !

कभी उन्नति के शिखर पर ले जाती है जिंदगी,
तो कभी पतन के गर्त में ले जाती है जिंदगी !!

कभी फूलों सी महकती हैं जिंदगी,
तो कभी कांटो सी चुभती है जिंदगी !!

कभी चोराहो पर भटकती हैं जिंदगी,
तो कभी गलियों में बस्ती है जिंदगी !

कभी प्रेम का अथाह सागर है जिंदगी,
तो कभी नफरतो की दीवार है जिंदगी !

कभी खिलखिलाती है जिंदगी,
तो कभी सिसकती हैं जिंदगी  !

कभी रिश्ते जोड़ती है जिंदगी,
तो कभी रिश्ते तोडती है जिंदगी !

कभी सबसे मिलाती हैं जिंदगी,
तो कभी वीराने में ले जाती हैं जिंदगी !!

कभी रेगिस्तान सी सुनसान लगती है जिंदगी,
तो कभी महकता उपवन बनती है जिंदगी !

कभी अपनों सी अपनी हैं जिंदगी,
तो कभी परायो सी पराई है जिंदगी !!

चाहे कितनी भी सम – विसम हो जिंदगी,
हारकर भी जीतना सिखाती हैं जिंदगी,
हर पल कुछ नया सिखाती है जिंदगी !!!

© पुनीत जैन 'चीनू'

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