साथिया ये तूने क्या किया,
प्यार को मेरे फना किया,
बेताबी बेकरारी थी प्यार में,
तूने फिर क्यूँ उसे रुस्वा किया !
हमनवा ये तूने क्या किया,
देकर सब कुछ छीन लिया,
क्या कसक थी प्यार में मेरे ?
एहसासों से मेरे शिकवा किया !
© पुनीत जैन 'चीनू'
प्यार को मेरे फना किया,
बेताबी बेकरारी थी प्यार में,
तूने फिर क्यूँ उसे रुस्वा किया !
हमनवा ये तूने क्या किया,
देकर सब कुछ छीन लिया,
क्या कसक थी प्यार में मेरे ?
एहसासों से मेरे शिकवा किया !
© पुनीत जैन 'चीनू'
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